Ram Charita Manas

Bala-Kanda

Prayers to the Wicked.

ॐ श्री परमात्मने नमः


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ॐ श्री गणेशाय नमः

Chaupai / चोपाई

बहुरि बंदि खल गन सतिभाएँ । जे बिनु काज दाहिनेहु बाएँ ॥ पर हित हानि लाभ जिन्ह केरें । उजरें हरष बिषाद बसेरें ॥

Chapter : 4 Number : 5

हरि हर जस राकेस राहु से । पर अकाज भट सहसबाहु से ॥ जे पर दोष लखहिं सहसाखी । पर हित घृत जिन्ह के मन माखी ॥

Chapter : 4 Number : 5

तेज कृसानु रोष महिषेसा । अघ अवगुन धन धनी धनेसा ॥ उदय केत सम हित सबही के । कुंभकरन सम सोवत नीके ॥

Chapter : 4 Number : 5

पर अकाजु लगि तनु परिहरहीं । जिमि हिम उपल कृषी दलि गरहीं ॥ बंदउँ खल जस सेष सरोषा । सहस बदन बरनइ पर दोषा ॥

Chapter : 4 Number : 5

पुनि प्रनवउँ पृथुराज समाना । पर अघ सुनइ सहस दस काना ॥ बहुरि सक्र सम बिनवउँ तेही । संतत सुरानीक हित जेही ॥

Chapter : 4 Number : 5

बचन बज्र जेहि सदा पिआरा । सहस नयन पर दोष निहारा ॥

Chapter : 4 Number : 5

Doha / दोहा

दो. उदासीन अरि मीत हित सुनत जरहिं खल रीति । जानि पानि जुग जोरि जन बिनती करइ सप्रीति ॥ ४ ॥

Chapter : 4 Number : 6

Chaupai / चोपाई

मैं अपनी दिसि कीन्ह निहोरा । तिन्ह निज ओर न लाउब भोरा ॥ बायस पलिअहिं अति अनुरागा । होहिं निरामिष कबहुँ कि कागा ॥

Chapter : 4 Number : 6

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